World Blood Donor Day 2019: विश्व रक्तदाता दिवस क्या है; यह क्यों मनाया जाता है, जानने के लिए यहां पढ़ें

World Blood Donor Day 2019: आप कई बार देखते हैं कि कुछ व्यक्ति को कुछ चोट लगने और बीमारी होने से उनका रक्त का स्तर गिरने लगता है। इस समय अगर उनमें रक्त की पूर्ति न की जाए तो बिना रक्त के उनमें पर्याप्त ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है, परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो सकती है। लेकिन आप उस व्यक्ति को बचा सकते हैं वो भी रक्त का दान देकर और जो लोग दूसरों की जान बचाने के लिए रक्त दान देते हैं, उनको इसके बदले धन्यवाद देने के लिए विश्वभर में World Blood Donor Day मनाया जाता है।

आइए जानते हैं इसका इतिहास और ये क्यों मनाया जाता है…..

विश्व रक्त दाता दिवस का इतिहास

14 जून को पूरे विश्व के बहुत सारे देशों में लोगों के द्वारा हर वर्ष विश्व रक्त दाता दिवस मनाया जाता है। यह दिन 14 जून 1868 में पैदा हुए कार्ल लैंडस्टेनर के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। विश्व रक्त दाता दिवस कार्यक्रम की शुरुआत 2004 में की गई थी। जिसका उद्देश्य किसी स्वस्थ व्यक्ति द्वारा अपनी इच्छा से और बिना कोई पैसे लिए सुरक्षित रक्त का दान देने के लिए प्रेरित किया जा सके। रक्त देने वाले की इसमें अहम भूमिका होती है क्योंकि वो जरुरतमंद व्यक्ति का जीवन अपने रक्त का दान देकर बचा सकता है।

वर्ष 2004 एक बैठक हुई जिसमें “विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस संघ और रेड क्रिसेंट समाज” के द्वारा एक अहम् फैसला लिया गया। जिसमें हर वर्ष 14 जून को विश्व रक्त दाता दिवस मनाने की बात कहि गई।  तभी से पूरा विश्व इसे के रूप में मनाता आ रहा है।

क्यों मनाया जाता है World Blood Donor Day

World Blood Donor Day हर साल 14 जून को पुरे विश्व में मनाया जाता है।  यह दिन सभी जरुरतमंद व्यक्ति के लिये रक्त की जरुरत को पूरा करने के लिए विश्व रक्त दाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोगों को रक्त दान के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि वो अपनी स्व् इच्छा से लोगों को जीवन-रक्षक के रूप में रक्त का उपहार देने के लिए धन्यवाद दिया जा सके।

इस दिन को मनाने का कारण है रक्त की गुणवत्ता, सुरक्षा और सुनिश्चित करने के लिए नियमित रक्त दान की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त और रक्त उत्पादों की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाए।

इस अभियान के आने से हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जाती है और रक्त प्राप्त करने वाले व्यक्ति को एक नए जीवन की प्राप्ति होती है।

blood donar
  1. इस कार्यक्रम से हर साल लगभग 112.5 मिलियन यूनिट रक्त दान किया जाता है, 62 देशों में 100% रक्त की आपूर्ति इसी कार्यकम के आधार से संभव हुई है।
  2. जो अपनी इच्छा से रक्त दान देते है वो रक्त दाताओं का सबसे सुरक्षित समूह माना जाता है क्योंकि ऐसे लोगों में रक्त जनित संक्रमणों का प्रसार सबसे कम होता है।
  3. यह कार्यक्रम अनावश्यक आधान रोगियों को एचआईवी संक्रमण के जोखिम के लिए भी उजागर करता है।
  4. इसमें कोई भी व्यक्ति ३ महीने बाद रक्तदान कर सकता है।
  5. स्वस्थ दाताओं की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  6. किसी भी व्यक्ति से रक्त लेने की स्तिथि में पहले उसके स्वास्थ्य की जांच की जाती है।
  7. सभी दान किए गए रक्त को हमेशा संक्रमण से पहले एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी के लिए जांचा जाता है।

रक्त दान एक तरह का जीवन दान है। आप अपने रक्त को दान देकर कई जिंदगियां बचा सकते हैं। रक्त दान देने से पहले कोई भी ऐसी धारणा न रखें कि इससे शरीर में कमजोरी आती है और आप थका महसूस करते हैं। आप को बता दें रक्त दान से आपका खून साफ़ होता है और 21 दिन में वापस बना भी सकते हैं। बस रक्त दान के बाद संतुलित आहार, फल और जूस से आप फेर से तंदरुस्त महसूस कर सकते हैं।

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