Sansad Adarsh Gram Yojana क्या है; जानिए इसके उद्देश्य और विकास कार्य

Sansad Adarsh Gram Yojana: भारत सरकार समय समय पर नई योजनाओं को लागू करती रहती है। यह आज से नहीं पिछले काफी सालों से हो रहा है, जब से सविधान बना है देश की तरक्की और विकास के लिए कई कार्यक्रम चलाएं गए हैं। हाल ही में भारत में बीजेपी की सरकार ने देश के विकास में काफी योगदान दिया है।

कुछ समय पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी ने एक नयी योजना की शुरुआत की।  इस योजना का नाम Sansad Adarsh Gram Yojana रखा गया है। देश के प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 को 11 अक्टूबर में इस योजना की शुरुआत की थी। इस योजना की शुरुआत गांवों के विकास के लिए किया गया था। अगर योजना की बात की जाए तो इसके तहत यह तय किया गया था कि भारत देश के सभी सांसदों को एक साल के लिए एक गांव को गोद लेना है और उस गोद लिए गाँव में सभी विकास कार्य पूरे करने हैं ताकि देश की तरक्की में भागीदारी हो सके। इससे गांव में हर बुनियादी सुविधाओं जैसे – खेती, पशुपालन, कुटीर उद्योग, रोजगार आदि को बढ़ाने में योगदान देना है।

Sansad-Adarsh-Gram-Yojana--2014

योजना में तीन बातों पर जोर 

Sansad Adarsh Gram Yojana में निम्लिखित कुछ बातों पर विशेष जोर देने की बात की गई थी। ये बाते है:

लोगों की भागीदारी 

इस योजना के तहत यह बात स्वीकारी गई थी कि इसमें लोगों की भागीदारी को शामिल किया जाएगा। क्योंकि इसमें समस्याओं का आधे से ज्यादा समाधान लोगों की भागीदारी से ही निकल आता है। इसलिए समाज के सभी वर्ग के ग्रामीण के बारे में जानकारी लें।

अंत्योदय का पालन करें

इस  योजना में इस बात पर जोपर दिया जाता है कि गांव के ‘सबसे गरीब और सबसे कमजोर व्यक्ति “को अच्छा जीवन और सुख सुविधाएं दी जाएं ताकि वो एक उज्जवल भविष्य के सक्षम बने।

समानता, सुरक्षा और सम्मान

योजना के अंतर्गत गाँव की हर महिला जाती को लैंगिक समानता का अधिकार मिलें और साथ ही उनकी सुरक्षा और सम्मान पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

न्याय

गाँवों में छोटे मोटे झगड़े और वाद विवाद होते रहते हैं ऐसे में जिस सांसद ने गाँव को गोद लिया है उसकी जिम्मेवारी बनती है कि गाँव में हर किसी व्यक्ति को सामाजिक न्याय मिलें।

मजदूर वर्ग के काम के घंटे तय करना

गाँवों में मजदूरी के घंटे और श्रम तय नहीं है। जिस कारण से उनके ऊपर मालिक अत्यचार करते हैं। ऐसे में गोद लिए गाँव के सांसद की जिम्मेदारी बनती है कि वो समय समय पर यह सुनिश्चित करें कि सामुदायिक सेवा और स्वैच्छिकता की भावना गाँव में स्थापित हो।

सफाई की संस्कृति को बढ़ावा

गाँव में सफाई और कूड़ा कर्कट डालने के लिए विशेष प्रबंध किए जाने चाहिए। साथ ही समय समय पर देश संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम की शुरुआत की जा सकती है। नालियां साफ़ और शौचालय निमार्ण पर विशेष जोर देना चाहिए।

पारिस्थितिकी के बीच संतुलन 

प्रकृति के सहचर के रुप में रहने के लिए-विकास और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन सुनिश्चित बनाए रखने पर विशेष बातों का धयान देना अनिवार्य है।

सहयोग  और आत्म निर्भर बनाना 

Sansad Adarsh Gram Yojana तहत आपसी सहयोग के साथ साथ स्वयं सहायता करने की बात पर विशेष जोर देने की बात कही गई थी.साथ ही इसमें गाँव के प्रत्येक वयक्तिको  आत्म निर्भर बनाने का निरंतर अभ्यास करना जरुरी है।

जवाबदेही

गोद लिए गांव के सांसद की जिम्मेदारी है कि वह अपने लोगों के साथ ईमानदारी से पेश आए और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता लाए। साथ ही किसी भी निर्णय के पीछे सांसद की जवाबदेही बनती है।

मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों

भारतीय संविधान में उल्लेखित सभी मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों में प्रतिष्ठापित मूल्यों का पालन करना भी। इस बात पर विशेष जोर देने की जरुरत है, ताकि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का हनन न हो सके।

इसके अलावा Sansad Adarsh Gram Yojana में इन विकास कार्यों पर भी अधिक जोर दिया जाएगा:

  • लोगों में स्कूल और शिक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि हर बच्चा पढ़ लिख सके।
  • हर गाँव में एक पंचायत भवन, चौपाल और धार्मिक स्थल का निर्माण किया जाएगा 
  • गाँव में प्रत्येक वर्ग की महिला जो गर्भवती हैं उनके लिए पोषक आहार की व्यवस्था की जाएगी। 
  • गाँव में जगह जगह गोबर गैस के लिए सार्वजनिक प्लांट का उत्पादन किया जाएगा। ताकि औरतों को खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध हों।
  • बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूलों में मिड डे मील में बाटा जाएगा। 
  • गाँव में खेती करने वाले किसानों को ड्रिप इरिगेशन की सुविधा दी जाएगी।
Sansad-Adarsh-Gram-Yojana--11oct2014

सांसद आदर्श ग्राम योजना के उद्देश्य

Sansad Adarsh Gram Yojana के तहत मुख्य उद्देश्यों को शामिल किया गया है-

1) गोद लिए प्रत्येक गाँव की पंचायतों के समग्र विकास को जोर मिलेगा। 

2) जीवन की गुणवत्ता के स्तर में सुधार करना

  • प्रत्येक बुनियादी सुविधाएं में सुधार करना
  • उच्च उत्पादकता में वृद्धि करना
  • मानव विकास पर जोर डालना
  • आजीविका के बेहतर अवसर प्रदान करना 
  • गाँव में फैली असमानताओं को दूर करना
  • सभी को अपने मौलिक अधिकार दिलाना
  • व्यापक सामाजिक गतिशीलता प्रदान करना

3) गाँव में विकास इस कदर करना ताकि  आस पास के गाँव भी इस योजना से प्रेरित हों और इसका हिस्सा बनकर इन सभी बातों को स्वीकार करने के लिए तैयार हों।

4) चिंहित आदर्श ग्राम को स्थानीय विकास के ऐसे केंद्रों के रुप में विकसित करना जो अन्य ग्राम पंचायतों को प्रशिक्षित कर सकें।

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