क्या आप Surya Namaskar सही से कर रहे हैं?

Surya Namaskar – आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रूप से ध्यान देने लगे हैं। सभी किसी न किसी तरीके से चाहे वो वर्कआउट हो या योग हो या मैडिटेशन हो, वो अपने आप को हेल्दी रखने के तरीके अपनाने लगे हैं। कुछ लोग Surya Namaskar को भी इसमें शामिल करते हैं। 

Surya Namaskar एक ऐसा कर्म हैं जिसमें आप ध्यान केंद्रित करने के लिए 12-चरण का उपयोग करते हैं। यह बहुत ही अच्छी कार्डियोवैस्कुलर कसरत वाली प्रक्रिया मानी जाती है। इससे आपको बहुत से स्वास्थ्य लाभ के साथ साथ मन की शांति और दिमाग को आराम मिलता है। लेकिन शायद आप नहीं जानते यह आपके लिए तभी फायदेमंद होता है जब आप इसे सही ढंग से व्यवस्थित और अनुग्रह के साथ साथ करते हैं। जिस तरह  से आप Surya Namaskar करते हैं अगर आप उसे सही तरह से नहीं कर पाते तो ऐसी स्तिथि में आपको उस क्रिया को करने से कोई विशेष लाभ प्राप्त नहीं होगा।

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आप हमेशा Surya Namaskar करते हैं, लेकिन कोई असर या लाभ न दिखने पर आप कुछ समय पश्चात उसे करना बंद कर देते हैं। इसका कारण यही है कि आप उस क्रम को ठीक से नहीं कर पा रहे जिसके कारण आपको उसका फायदा नहीं मिल रहा है। इसलिए जरुरी है कि आप उन बातों पर विष रूप से ध्यान दें,

सूर्य नमस्कार करते समय जानना बहुत जरुरी है।

  • क्या आपको लगता है कि आपका शरीर काफी लचीला है। अगर आप लचीले नहीं है तो आपके लिए सीधे कर्म से शुरुआत करना बेहतर होगा। इसलिए बेहतर यही है कि आप इसकी शुरुआत हल्के वार्म अप से करें, जैसे कि कुछ कोमल खिंचाव करके या फिर संयुक्त घुमाव करके। अपने शरीर पर शुरू से ज्यादा खिंचाव न होने दें, नहीं तो आप इसे 2 दिन से ज्यादा नहीं कर पाओगे। मांसपेशियों में अधिक दर्द के कारण आप इसे छोड़ने का निर्णय कर सकते हैं।
  • क्या आप सही मुद्रा में Surya Namaskar करने की बजाए संख्याओं बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। आप इसके चरण बढ़ाने में जल्दी न ही करें तो  अच्छा है। शायद आप नहीं जानते उचित तरल तरीके से किए गए 12 चक्र ज्यादा प्रभावी है बजाए उन 12 चक्र की गिनती बढ़ाने के। इसलिए बेहतर यही है कि आप अपनी मुद्रा में सुधार करें, तभी आपको इसका फायदा होगा।
  • बहुत सारे लोगों का लगता है कि Surya Namaskar को एक ही बार में सभी चक्रों में पूरा किया जाना चाहिए, अगर वो लोग बीच में रुक जाएंगें तो आपको इससे लाभ नहीं होगा। आप कुछ ऐसा सोचते हैं तो आप गलत हैं। आप शायद नहीं जानते कि हर आसान के बाद ब्रेक लेना बिल्कुल ठीक माना जाता है।
  • बहुत से लोग Surya Namaskar करते समय सबसे अहम हिस्से को नहीं करते। आपको यह हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि आपको सभी चरणों को पूरा करने के बाद, उसे दोबारा शुरू करने के लिए नमस्कार मुद्रा में वापस आना जरुरी है। कुछ लोग इस कदम को नहीं करते।
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  • जब भी आप वर्कआउट तकनीक का सहारा लेते हैं या उसे करते हैं तो उस प्रक्रिया में सांस लेना बेहद जरूरी होता है। यही बात योग पर भी लागू होती है। Surya Namaskar का अर्थ केवल 12 आसनों करना नहीं है, बल्कि हर आसन के बाद सांस लेना और छोड़ने की प्रक्रिया कारन भी बेहद जरुरी हैं। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप Surya Namaskar के बहुत से मिलने वाले लाभों को कम कर देते हैं।
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यह सूर्य नमस्कार की मुद्रा और तकनीक से संबंधित था, अब आपको यह भी पता होना चाहिए कि किन परिस्थितियों में ऐसा नहीं करना चाहिए….

  1. अगर आपको बुखार है या आपके जोड़ों में सूजन है। उस समय आप Surya Namaskar न करें। 
  2. अगर आपका बीपी है रहता है या फिर आप आप हृदय रोग से पीड़ित हैं और आपको चककर आते हैं तो ऐसे लोगों को सलाह दी जाती है कि वो Surya Namaskar न करें। 
  3. महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान Surya Namaskar नहीं करना चाहिए और यही कोई महिला गर्भवती है तो गर्भावस्था के 4 महीने के बाद यह क्रिया न करना ही बेहतर होता है।

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