Golden Temple की कुछ जरूरी बातें जो यहां जाने से पहले आपको पता होनी चाहिए

भारत के पंजाब राज्य में अमृतसर शहर में स्थित Golden Temple सिख धर्म के साथ साथ पर्यटकों का भी मुख्य आकर्षक का केंद्र है। लोग इसे श्री हरमंदिर साहिब या श्री दरबार साहिब के नाम से भी जानते हैं। श्री हरमंदिर साहिब नाम का शाब्दिक अर्थ है “भगवान का मंदिर” है, इसलिए सिख धर्म का सबसे महत्वपूर्ण गुरुद्वारा कहा जाता है।

स्वर्ण मंदिर का ऊपरी हिस्सा लगभग 400 किलो सोने से बनाया गया है। जिस कारण से लोग इसे स्वर्ण मंदिर कहते हैं। क्योंकि मंदिर का मन हिस्सा सोने की परत से बना है। इस मंदिर का निर्माण लगभग 400 वर्ष पूर्व सन 1577 में हुआ और गुरु के चौथे सिख रामदास ने इसकी नींव रखी थी।

इसके बाद पांचवे सिख गुरू जिनका नाम गुरु अर्जन देव जी था, उन्होंने सरोवर के बीच में इस मंदिर का निर्माण किया और यहां सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ (जिसे आदि ग्रंथ भी कहा जाता है) की स्थापना की। मंदिर के निमार्ण में 26 वर्ष का समय लगा।

inside-Golden-Temple

हजारों लाखों श्रद्धालु यहां गुरुद्वारे में दर्शन के लिए आते हैं और पवित्र कुंड में स्नान ही करते हैं। यहां हर धर्म के लोग आ जा सकते हैं। यहां के परिसर में बनी रसोई, सबसे बड़ी रसोई है। यहां आने पर कोई भी व्यक्ति बिना लंगर चखे नहीं जा सकता।

आइए जानते है Golden Temple अमृतसर में जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

  • Golden Temple में पहुंचने पर, पुरुषों हो या महिलाएं दोनों को अपने सिर ढक कर जाना जरुरी होता है। पुरुष रुमाल से सिर ढक सकते हैं और महिलाएं एक स्कार्फ या दुपट्टा पहन सकती हैं। यदि आप एक स्कार्फ लाना भूल जाते हैं, तो यह आपको वहां बाहर आसानी से मिल भी जाता है।
  • सभी विज़िटर्स के लिए जूते निकालने जरुरी हैं। मंदिर में प्रवेश करने से पहले वहां बने सरोवर में पैर साफ़ करके ही अंदर जाएं। अपने जूतों की जोड़ी रखने के लिए यहां एक क्लॉकरूम भी बना हुआ है।
  • श्री हरमंदिर साहिब के हर प्रवेश द्वार पर जूते, और श्रद्धालुओं का सामान मुफ्त में रखने की सुविधा दी हुई है। सामान जमा करने के बाद एक टोकन लेकर आप निश्चित होकर दर्शन के लिए जा सकते हैं।
  • पवित्र स्थान में प्रवेश करने से पहले मोबाइल को स्विच-ऑफ करना बेहद अनिवार्य है।
  • पवित्र परिसर के अंदर सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू या अन्य नशीले पदार्थों  को नहीं ले जाया जा सकता और उनका सेवन भी नहीं करना चाहिए।
  • स्वर्ण मंदिर के अंदर गम चबाने, धूप का चश्मा और फोटोग्राफी निषिद्ध है।
  • मंदिर के अंदर बने पवित्र सरोवर (अमृत के कुंड) की बहुत मान्यता है। इस सरोवर में डुबकी लगाने के लिए लोग आते हैं। इसमें हर कोई डुबकी लगा सकता है, लेकिन साबुन या शैम्पू से यहां स्नान करने की अनुमति नहीं है।
  • गीले कपड़े में मंदिर परिसर में घूमना मना है।  इसलिए साफ़ कपडे पहन कर ही अंदर प्रवेश करें। गीले कपड़े जमा करने के लिए अलग से कमरे मंदिर परिसर में बने हुए हैं।
  • Golden Temple के अंदर फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है।  फोटोग्राफी करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको राष्ट्रपति / सेक की अनुमति लेनी पड़ेगी। लेकिन आप बाहर के  परिक्रमा में फोटोग्राफी कर सकते हैं।

One thought on “Golden Temple की कुछ जरूरी बातें जो यहां जाने से पहले आपको पता होनी चाहिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *