Kesar दूध से बनी इस पेय में छिपे हैं कई स्वास्थ्यकारी गुण

Saffron एक ऐसा मसाला है जो कस सैटिवस के फूलों से प्राप्त किया जाता है। भारत में इसे कुमकुम और केसर कहा जाता है। भारत में केसर की पंखुड़ियों को दूध में मिलाकर के पिया जाता है और इसे केसर दूध कहते हैं। यह केसर दूध आपको बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ देने में कारागार सिद्ध होता है। आयुर्वेद में इसके बहुत से स्वास्थ लाभों का वर्णन मिलता है। जब केसर को दूध में मिलाकर गर्म किया जाता है। तब केसर में से बहुत से लाभकारी घटकों दूध में मिल जाते हैं और दूध का रंग भगवा हो जाता है।

आज के इस लेख में दूध और केसर से बनी कुछ रेसिपी सीखेंगें और उसके क्या लाभ हमें हो सकतें हैं, यह भी जानने की कोशिश करेंगें। लेकिन उससे पहले हम यह जान लेते हैं कि असल में Kesar
(saffron) क्या है और इसका उत्पादन कैसे किया जाता है।

केसर क्या है?

Kesar बहुत ही महंगा मसाला है और यह इतनी आसानी से हर जगह उपलब्ध भी नहीं हो पाता। केसर के फूल को हाथ से तोड़कर अच्छे से धुप में सुखाया जाता है। एक फूल से केवल 3 पत्तियां ही ही निकलती है। इसलिए इसे बनाना बेहद ही मुश्किल भरा है और इसी कारण से यह बहुत ही महंगा बिकता है। 

kesar

केसर?(saffron) के दूध से बनने वाली रेसिपी

केसर दूध  बनाने से पहले आपको यह ध्यान रखना चाहिए। कि जब भी आप केसर खरीदते जाएं तो एक अच्छी गुणवत्ता और ब्रांड नाम वाली पैकिंग ही खरीदें। क्योंकि बाजार में बहुत से डुप्लीकेट प्रोडक्ट उपलब्ध है। अगर आपको नकली केसर मिल गया तो इसके स्वास्थ लाभ नहीं मिल पाएंगें।

आपको इन चीजों की जरूरत होगी…..

  • एक कप दूध
  • केसर की पत्तियां (8 से 10)
  • इलायची पाउडर
  • चीनी
  • बादाम और पिस्ता (गार्निशिंग के लिए)

एक पतीले में 1 कप ढूंढ लें और इसे उबाल लें। जब इसमें उबाल आ जाए तो इसमें Kesar (saffron) की पंखुड़ियां और इलायची पाउडर ड़ाल दें। आंच को धीमा कर दें और पंखुड़ियों से आरक निकलने दें। इसमें कुछ 8 से 10 मिनट का समय लगेगा। जब दूध सुनहरे पीले रंग का हो जाए तो आप इसमें चीनी ड़ाल सकते हैं, अगर आपको फीका दूध पीना पसंद है। तो आप इसे ऐसे भी रहने दे सकते हैं। आप चाहें तो इसमें कटे बादाम और पिस्ता से सजा भी सकते हैं। ये पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है।

Saffron(Keser-milk)

प्राचीन आयुर्वेद के अनुसार केसर से होने वाले कुछ स्वास्थ्य लाभ

  1. अगर आप इस दूध को रोजाना लेते हाँ तो यह आपकी त्वचा की रंगत में सुधार करने का कार्य करता है। 
  2. यह दूध सूजन को कम करने में सहायक है।
  3. इस दूध में पाए जाने वाले एंटी-माइक्रोबियल गुण हमारी आंखों की दृष्टि में सुधार करते हैं। 
  4. यह यादाश्त बढ़ाने के लिए मस्तिष्क टॉनिक के रूप में कार्य करता है। 
  5. जिन लोगों को नींद न आने की समस्या होती हैं, उन्हें इस दूध को सेवन करना चाहिए।
  6. यह भूख बढ़ाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। 
  7. इस दूध में आपके पाचन शक्ति में सुधार करने की क्षमता है।
  8. पेशाब में जलन होने पर यह मूत्रवर्धक के रूप में कार्य करता है।
  9. यह नपुंसकता में सहायक है। 
  10. एक गहराभवति महिला को डिलीवरी के समय यदि संकुचन न आए तो उसे यह दूध पिलाना चाहिए, इससे संकुचन को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  11. यदि आपके शरीर से दुर्घन्ध आती हो, तो आपको इसे रोजाना पीना चाहिए। कुछ ही में दुर्घन्ध की समस्या दूर हो जाएगी। 
  12. यदि चहरे पर बहुत से कील, मुंहासे या ब्लैकहेड्स है तो इसका इस्तेमाल करना चाहिए। 
  13. यह सिरदर्द के रोगी के लिए बेहद उपयोगी है। 
  14. घाव भरने के लिए इस दूध को पीने की सलाह दी जाती है। 
  15. जिन लोगों को गठिया की समस्या हैं। उन्हें इसका नियमित रूप से सेवन करना चाहिए, क्योंकि यह जोड़ों के इलाज में सहायक है।

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