Rameswaram To Kanyakumari: कन्याकुमारी मंदिर के ये रहस्य जानकर दंग रह जाएगें आप; जानिए क्या है वो रहस्य

नई सोच हिंदी Rameswaram To Kanyakumari की यात्रा में आज हम आपको ले जा रहे हैं कन्याकुमारी देवी के मंदिर में। ये वो प्रसिद्ध जगह है जहां आपको इस जगह के बारे में जानकर थोड़ी हैरानी होगी। हम आपको कुछ ऐसे हैरान कर देने वाले रहस्य बता रहे हैं, जो शायद आपको नहीं पता होंगें।

विशाल समुद्र के बींचो-बीच बना यह भव्य मंदिर कल का बहुत ही सुन्दर नमूना है। यह जगह बेहद ही मोहक और आकर्षक है। कन्याकुमारी तमिलनाडु में बसा एक बहुत ही सुंदर शहर है। यहां तीनों महासागरों का मिलन होता है। ये जगह बंगाल की खाड़ी, अरब महासागर और हिंद महासागर का संगम स्थल मानी जाती है। हैरान कर देने वाला तथ्य है इस संगम का पानी। आप संगम की छाप इसके रंग-बिरंगे पानी में देख सकते हैं।

क्या आप जानते हैं कन्याकुमारी का नाम कन्याकुमारी कैसे पड़ा। इसके पीछे भी एक बड़ा रहस्य छिपा है। यहां मां देवी भगवती देवी के रूप में विद्यमान है। हिन्दू धर्म की पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी को आदि शक्ति का अंश माना जाता है। यह वो देवी है जो आजीवन कुंवारी ही रह गईं, इनका विवाह कभी संपन्न नहीं हो पाया। इसलिए इस जगह का नाम कन्याकुमारी पड़ गया।

चलिए आपको इस बारे में थोड़ा विस्तार से बताते हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार बानासुरन नामक एक असुर हुआ करता था जिसने देवी देवताओं को काफी परेशान किया हुआ था। क्योंकि उस असुर को भगवान शिव ने वरदान दिया था कि वो आजीवन जिंदा रहेगा अगर उसे किसी कुंवारी कन्या ने नहीं मारा। वहीं दूसरी और भारत पर शासन करने वाले राजा भरत के 8 पुत्र 1 पुत्री थी, जिस पैतृक संपत्ति में भारत का दक्षिणी यानी की आखिरी छोर मिला। शुरू से ही कुमारी शिव से विवाह करना चाहती थी। जिसके लिए उसने कठोर तप किया। फिर उसकी तपस्या से खुद शिव ने उनसे शादी करने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। विवाह की सारी तैयारियां हो चुकी थी। लेकिन उसी समय नारद मुनि को यह ज्ञात हो चुका था कि यही वो कुमारी है जो बानासुरन असुर का वध करके उन्हें उसके प्रकोप से बचा सकती है।

यह जानकर नारद जी ने सभी देवताओं के साथ मिलकर भगवान् शिव का विवाह कुमारी से संपन न कराने का फैसला लिया। जिस दिन भगवान को मुहूर्त पर कैलाश से दक्षिण पहुंचना था। नारद ने सुबह से पहले ही मुर्गे की आवाज में बांग लगा दी। जिससे शिव को लगा की मुहूर्त का समय निकल चुका है और वह वापस कैलाश लौट गए।

यहां कन्या भगवान का इंतजार करती रही। जब शिव नहीं आए तो देवी ने अपना सारा श्रृंगार पानी से धो डाला। इसलिए यहां के पानी में अलग अलग रंग और लाल पानी नजर आता है। देवी ने क्रोध में असुर से युद्ध किया और उसे मारकर देवताओं को उस असुर से मुक्ति दिलाई।

विवाह में जो बारातियों के लिए भोजन बना था, उन्हें समुद्र तट पर ही बिखेर दिया गया। हैरान कर देने वाली बात यह है कि वो बिखरा अनाज आज भी यहां समुद्र के किनारे दिखाई देता है। दरअसल यहां समुद्र किनारे पर चावल और दाल के आकर के छोटे छोटे कंकर देखे जा सकते है। हैं ना यह चौंका देने वाला रहस्य।

kanya devi

इस मंदिर का एक अजीबो गरीब रहस्य यह भी है यहां देवी के दर्शन करने के लिए पुरुष को कमर से ऊपर के कपड़े उतराने पड़ते हैं।

vivekanand rock

भारत के अंतिम छोर पर स्थित कन्याकुमारी एक शहर ही नहीं है बल्कि पूरे विश्व में कला, संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है। यहां हर व्यक्ति को प्रकृति के खूबसूरत नज़ारे के दर्शन होते हैं। आप यहां सूर्य अस्त और सूर्य उदय होते हुए भी देख सकते हैं। इस अद्भुत नज़ारे का आनंद लेने के लिए लोग दूर दूर से Vivekananda Rock Memorial तक आते हैं। आप भी इस जगह पर आकर इस भव्य मंदिर और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।

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