बच्चे की Study Table को इस दिशा में रखने से होगा दोगुना लाभ

माता पिता बच्चे की हर जरुरत को पूरा करते हैं। आप उन्हें अलग रूम देने से लेकर आपकी हर पढाई की जरुरत को मिनटों में पूरा करते हैं। Study Table बच्चों के कमरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि आपका बच्चा उसी पर बैठकर पढाई करता है। वास्तु के अनुसार पढ़ने वाली मेज के लिए कुछ नियम दिए गए हैं। जब आप अपने बच्चे के लिए इतना कुछ करते हैं तो आपको वास्तु जैसी कुछ और बातों पर भी ध्यान देना चलिए। 

वास्तु के अनुसार आपके बच्चे का स्टडी टेबल कहाँ और किस दिशा में होना चाहिए अगर आप यह समझ लें तो आप उसकी अध्ययन में सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए स्टडी टेबल के लिए वास्तु टिप्स का सही तरीके से पालन करना बेहद जरुरी है।

असल में वास्तुशास्त्र क्या है आप में से बहुत से लोग जानते होंगें। यदि आप इस बारें में अच्छे से नहीं जानते हैं तो आपको इस लेख को पढ़ाई की मेज के पीछे वाले वास्तुशास्त्र और इसके लाभों का समझने के लिए पढ़ना चाहिए।

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स्टडी टेबल के लिए वास्तु इतना ज्यादा महत्वपूर्ण क्यों है?

पढ़ाई करते समय बहुत ध्यान लगाने की जरुरत पड़ती है और यह आपके बच्चे के अच्छे परिणाम में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एकाग्रता के बिना आप चाहें कितना भी पढ़ लें वो आपको अच्छे से कभी समझ नहीं आ सकता। इसलिए जरुरी है कि आपके बच्चे में एकाग्रता बढ़ाने पर काम किया जाए।

जब आप बच्चे की एकाग्रता बढ़ाने के लिए वास्तुशास्त्र के अनुसार उसकी Study Table रखते हैं तो इससे उसकी एकाग्रता लंबी अवधि के लिए बरकरार रहती है। इसका फायदा यह है कि उसकी समझ क्षमता और स्मृति की अवधारण शक्ति बढ़ जाती है और बच्चा पढाई में रुचि लेने लगता है।

अपने बच्चे की पढाई वाली मेज को वास्तुशास्त्र के अनुसार इस तरह से रखें…..

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पढ़ाई की मेज के लिए वास्तु नियम के अनुसार क्या करना चाहिए?

  1. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपके बच्चे की स्टडी टेबल चौकोर या आयत वाले आकार में होनी चाहिए। यदि मेज चौकोर है तो सबसे उत्तम है और अगर मेज आयताकार है, तो इसकी लंबाई और चौड़ाई का ध्यान देना बेहद जरुरी है। एक आयताकार मेज की लंबाई 4 फीट है तो चौड़ाई 2 और 8 फीट के बीच तक ही रखनी चाहिए।
  2. जब भी आप अपने बच्चे के लिए एक स्टडी टेबल खरीदते हैं या बनवाते हैं तो हमेशा  सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली लकड़ी का उपयोग करें।
  3. जब भी आपका बच्चा पढ़ने के लिए बैठे तो याद रखें कि वो हमेशा पूर्व या उत्तर की ओर ही बैठे।
  4. स्टडी टेबल से दीवार की दूरी कम से कम 3-4 इंच रखनी चाहिए। जब बच्चे को थोड़ा स्पेस दीखता है तो ऐसा कहा जाता है कि खुली जगह से नए विचार दिमाग में आते हैं।
  5. अपने बच्चे की मेज के सामने प्रेरणा देने वाले पोस्टर लगाएं ताकि बैठे बैठे उस पर उसकी नजर पड़ती रहे। 
  6. अगर आपके बच्चे की पड़ही वाली मेज पर टेबल लैंप रखा है तो उसे दक्षिण-पूर्व भाग में रखें।
  7. मेज को साफ सुथरा और हमेशा उसकी सही जगह पर ही रखें।

पढ़ाई की मेज के लिए किन बातों से बचना चाहिए?

  1. बच्चे की पढाई वाली मेज को कभी भी बीम के नीचे नहीं रखना चाहिए।
  2. अंडाकार, वृत्ताकार या अन्य अनियमित आकार की मेज नहीं खरीदनी चाहिए।
  3. ग्लास जड़े हुए मेज को कभी नहीं लेना चाहिए।

Study Table के लिए इन सभी विशाल सुझावों को ध्यान में रखें और आप निश्चित रूप से अध्ययन के परिणाम में अंतर महसूस करेंगे।

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