Pipal Tree: हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र वृक्ष में पाए जाते हैं अनेकों स्वास्थ गुण, कईं रोगों से मिल सकता है छुटकारा

पीपल का पेड़ (Pipal Tree) के बारे में तो ज्यादातर लोग जानते ही हैं, क्योंकि हिन्दू धर्म में इसकी बहुत मान्यता है और लोग इसकी पूजा करते हैं। इसे बाहर के देशों में फिकस धर्मियोसा के नाम से भी जाना जाता है। भारत का मूल निवासी यह पेड़ पर्णपाती है। कहते हैं इस वृक्ष का महत्वता बौद्ध धर्म के लोगों में बहुत अधिक है, क्योंकि इसे बुद्ध का व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है और यह उनके लिए सबसे पवित्र वस्तु है। इसका अस्तित्व श्री लंका 288 ईसा पूर्व  के समय से ही माना जाता है।

भारत में तो लगभग हर किसी को इस पेड़ के बारे में पहचान है, लेकिन कुछ लोग जो इसकी पहचान नहीं कर पाते उनके लिए यह जानकारी बहुत जरुरी है। यह पीपल का पेड़ मध्यम आकार का वृक्ष है जिसकी पत्तीयाँ दिल के आकार की होती हैं। इस पेड़ पर अंजीर जैसे दिखने वाले बैंगनी रंग के फल लगते हैं और जोड़े में बढ़ते हैं।

अब तक आपने केवल इस वृक्ष की पवित्रता को जाना होगा, इसकी हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार पूजा होगा। लेकिन शायद आपको इस पेड़ के आस्था से जुड़े होने के भाव के साथ साथ औषधीय महत्व को जानकार बड़ी हैरानी होगी। आप शायद नहीं जानते कि पीपल के पेड़ (Pipal Tree) में बहुत से रोगों से मुक्ति दिलाने के कई औषधीय गुण पाए गए हैं। ये गुण आज से नहीं कईं हजारों सालों से रोगों के उपचार में काम में लाए जाते हैं। प्राचीन काल से वैध इसे जड़ी बूटी की तरह इस्तेमाल करके कईं बीमारियों का उपचार करते थे, जिसे अब साइंस और रिसर्च के माध्यम से दावे के साथ पेह किया गया है। पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बाल कृष्ण ने स्वयं इस बात की पुष्टि की थी कि यह एक बहुत ही कारगार औषधि है, जो हमें रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है।

आइए जानते हैं कि Pipal Tree से किस रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है और यह कितने रोगों से छुटकारा दिलाता है।

रक्तस्राव दस्त को कम करने के लिए:

पीपल का तना बहुत ही लाभकारी माना जाता है। ऐसे में इस पेड़ की छाल को धनिया के बीज और मिश्री के साथ बराबर मात्रा में मिलकार लेने से इस रोग में काफी फायदा मिलता है। याद रखें, इसका सेवन रोजाना  दिन में 2 बार करें और एक बार में कम से कम 3-4 ग्राम मात्रा लेना जरुरी है।

भूख बढ़ाने के लिए:

पीपल के पके हुए फल किसी भी व्यक्ति की खराब आहार की आदत को ठीक करने में सहायक सिद्ध होता है। जिन लोगों को भूख कम लगती है वो इसके फलों का रोजाना सेवन करें, जल्द ही भूख में आपको बदलाव नजर आएंगें। इसके अलावा फल को खांसी, जलन और उल्टी जैसी बीमारियों का इलाज करने में भी किया जा सकता है।

पेट दर्द के लिए:

ज्यादतर लोग पेट दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। जिन लोगों के घरों में या आस पास पीपल का पौधा है, उनके लिए तो यह बहुत अच्छी बात है। अगर नहीं है तो कहीं आस पास लगे पेड़ की 2 से 3 ताज़ी पत्तियां ले आएं और उनका पेस्ट बना लें, अब इसमें 50 ग्राम गुड़ मिलाएं। अच्छे से मिश्रण तैयार होने के बाद इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर दिन में 3 से 4 बार सेवन करें। आपको कुछ ही दिनों में फर्क दिखने लगेगा।

अस्थमा के उपचार में लाभदायक:

अस्थमा बहुत ही खतरनाक बिमारी है, जो आसानी से दूर नहीं की जा सकती। लेकिन कुछ आयुर्वेदिक उपचार इसमें लाभदायक हो सकते हैं। आपको बस पीपल ट्री की पतली मुलायम छाल और पके फल की आवश्यकता है। इन दोनों का अलग अलग करके पाउडर बनाएं और फिर दोनों को सामान मात्रा में लेकर मिला लें। इस तैयार सामग्री का सेवन एक दिन में तीन बार करें। आपको इस समस्या में जल्द से जल्द छुटकारा मिलेगा। अगर आप सूखे फल का पाउडर बना कर 2 से 3 ग्राम मात्रा में दिन में 3 बार 14 दिन तक रोजाना लेते हैं, तो यह अधिक प्रभाव डालता है।

सांप का काटना:

सांप के काटने पर जान भी जा सकती है, क्योंकि उसका जहर बहुत ही तेजी से शरीर में फैलता है। ऐसे में अगर किसी की जान बचानी है तो जहर के असर को कम करना बेहद जरुरी है। जिस व्यक्ति को सांप ने काटा है, उसे पीपल के पत्तों से बना अर्क पिलाएं। इसे बराबर मात्रा में 2-2 चम्मच तीन से चार बार दें, जहर का असर जल्द ही खत्म हो जाएगा।

त्वचा रोगों से मुक्ति:

गंदे पानी में स्नान करने या धूल मिटटी के जमने से शरीर पर दाने या खुजली जैसे अन्य रोग हो जाते हैं, जिन्हें त्वचा के रोग कहा जाता है। ऐसे में इन रोग से छुटकारा पाने के लिए पीपल की कोमल पत्तियों को खाना अच्छा होता हैं, इससे जल्द ही इस रोग से निजात मिलता है।

कब्ज के लिए:

ज्यादातर लोगों को हमेशा कब्ज की शिकायत रहती है। अगर आप इस समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो आपको रोजाना पीपल के 5-10 फल का सेवन करना चाहिए।

पीलिया बीमारी के लिए:

पीलिया पेट से संबंधित रोग है, जो आपको शरीर से बहुत कमजोर कर देता है और इससे आपकी आँखों और त्वचा का रंग पीला पड़ने लगता है। इस समस्या से झूझ रहे रोगी के लिए पीपल का पेड़ (Pipal Tree) बहुत लाभदायक है। रोग को  दूर करने के लिए पीपल के पेड़ के 3-4 ताजे पत्ते लें और इसमें मिश्री मिलाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को अब 250 मिली लीटर पानी में मिलाकर छान लें। यह अर्क तैयार है अब इसे दिन में दो बार 5 दिनों तक लेते रहें। इससे जल्द ही आपको आराम मिलेगा।

आंखों के दर्द के लिए:

पौधे की पत्तियों से निकलने वाले दूध को  आंख पर लगाने से कुछ ही समय में आँखों के दर्द से छुटकारा मिलता है।

दांतों की बीमारी के लिए:

सालों पहले लोग पीपल के पेड़ (Pipal Tree) की दांतुन किया करते थे, जिससे उनके दांत एवं मसूड़े स्वस्थ रहते थे। आज भी कुछ लोग यदि दाँतों की समस्या से परेशान होते हैं तो पीपल के पेड़ का इस्तेमाल करके फायदा ले सकते हैं। दाँतों में दर्द से राहत पाने के लिए पीपल और बरगद के पेड़ों की छाल को बराबर मात्रा में लेकर पानी में अच्छे से उबालें। अब इस उबले पानी से अच्छे से कुल्ला करें, इससे दाँतों में दर्द से राहत मिलेगी। यह मुँह की दुर्गन्ध की समस्या को भी खत्म करने में सहायक है।

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