OlaCabs के CEO Bhavish Aggarwal की ऐसी कहानी जिससे उन्हें रातों रात अमीर बना दिया

OlaCabs: दोस्तों एक बार फिर हम आपके लिए शनिवार वाले चाय में ले आए हैं एक ऐसे आम आदमी की कहानी, जो रातों रात एक बड़ा बिजनेस मैन बन गया। वो कहते हैं ना, आपका idea बड़ा होना चाहिए, बड़े आप खुद ब खुद बन जाएंगें।

Bhavish Aggarwal

शिक्षा: आईआईटी, बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक।

पूर्व कार्य अनुभव: कॉलेज के ठीक बाद 2 साल के लिए बंगलौर में माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च में काम किया। Bhavish Aggarwal, OlaCabs Foundr हैं। OlaCabs के बारे में आप सभी जानते हैं और इसका इस्तेमाल भी करते हैं। इस छोटे से आईडिया ने उन्हें आज भारत का एक अच्छा ख़ासा बिज़नेस मैन बना दिया है।

Ankit Bhati:

शिक्षा: आईआईटी बॉम्बे से दोहरी डिग्री (M.Tech + B.Tech)।

पिछला कार्य अनुभव: ओलाकैब्स में शामिल होने से पहले QED42, मैक्केन्स और विलकॉम सहित कई स्टार्ट अप में काम किया।

चलिए जानते हैं  ओलाकब की कहानी:

Bhavish Aggarwal टूर प्लानिंग व्यवसाय को बरकरार रखने की कोशिश करते हुए, बैंगलोर से बांदीपुर की यात्रा करने निकले, जिसके लिए उन्होंने एक कार किराए पर ली, जिसकी यात्रा का अनुभव की समाप्ति काफी बुरी थी। चालक ने कार को यात्रा के बीच में ही रोक दिया और भावेश को थोड़ा और भुगतान करने की माँग की। मना किए जाने के बाद, कार चालाक ने उन्हें अपनी मंजिल तक छोड़ने के लिए आगे बढ़ा। तब भावेश ने महसूस किया कि उसकी दुर्दशा देश भर के उन बहुत से ग्राहकों जैसी है जो एक अच्छी गुणवत्ता वाले चालक और अच्छी यात्रा करने की तलाश में हैं। जो उन्हें नहीं मिल पाती।

पहली बार, उन्होंने एक संभावित कैब बुकिंग सेवा की क्षमता की मात्रा देखी और इसलिए, उन्होंने अपने व्यवसाय को अपने पहले के स्टार्ट-अप से बदल दिया, जिसे आज हम जानते हैं – ओलाकैब्स। दिसंबर 2010 में उन्होंने इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी, जहां वह अपने सह-संस्थापक अंकित भाटी भी इसी स्टार्ट-अप में शामिल हुए थे। उनके माता-पिता बिल्कुल उनके विचार से सहमत नहीं थे, ऐसा सभी भारतीय के माता-पिता करते हैं। वे ’ट्रैवल एजेंट’ बनने के उनके फैसले से पूरी तरह से सहमत नहीं थे। लेकिन जब ओलाकैब्स को दो निवेशकों से पहले दौर की फंडिंग मिली, तो उन्होंने उस बदलाव पर विश्वास करना शुरू कर दिया, जिसे वे लाने की योजना बना रहे थे।

इसकी शुरुआत के बाद से, ओलाकैब्स ने सॉफ्टबैंक कॉर्प और अन्य निवेशकों की मदद से धन इकठ्ठा किया। उन्होंने ऑटोरिक्शा की तुलना में कम चार्ज करने की योजना बनाई। ओलाकोट्स के लॉन्च के साथ ओलाकैब्स ने अब ऑटो वालो का सहयोग किया है। अब आप उनके ऐप का उपयोग करके ऑटो भी कर सकते हैं। जिस पर आपको वही ओला की तरह कम रेट पर ऑटो मिलते हैं।

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आपने देखा ये दो दोस्त मिलकर आज कितनी बड़ी कंपनी चला रहे हैं। ओला कंपनी 758 करोड़ रुपए की हो चुकी है। अगर आप के पास भी कोई बेहतर idea है तो आप भी कुछ बड़ा कर सकते हैं। ज्यादा सोचिये मत बस कर डालिए। क्या पता मार्किट के अगले बिजनेसमैन की सूचि में आपका नाम भी जुड़ जाए।

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