बौद्ध धर्म का सबसे प्रसिद्ध प्रतीक है सारनाथ का Ashok Stambh

Ashok Stambh भारत का राष्ट्रीय प्रतीक माना जाता है। यह सम्राट अशोक की सारनाथ की यात्रा का एक चिन्ह के रुप मेंम बहुत ही प्रभावशाली संरचना है। अगर आप अशोक स्तंम्भ को देंखे तो आप इसके शीर्ष पर चार शेर पाएंगें। धम्मेक स्तूप के साथ यह 50 मीटर लंबा स्तंभ है। 

स्मार्ट अशोक बौद्ध धर्म को मानते थे, इसलिए उन्होंने भारत देश में बहुत से स्थानों पर Ashok Stambh का निर्माण करवाकर बौद्ध धर्म को यह उपहार स्वरूप भेंट किया है। 

उत्तर प्रदेश के सारनाथ में बना इसका परिसर बहुत ही आकर्षक है और यहां घूमने आए लोगों का ध्यान केंद्रित करता है। आप परिसर के चारों ओर कई भिक्षुओं को ध्यान करते हुए देख सकते हैं। पूरा परिसर हरे-भरे लॉन से भरा हुआ है, जो शहर की सोभा बढ़ाता है।

Ashok-Stambh-history

भगवन बुद्ध ने सारनाथ के अलावा लुम्बिनी, बोधगया, और कुशीनगर स्थान अपने अनुयायियों को भेंट करने का सुझाव दिया था। तेरहवीं शताब्दी में आयन स्तम्भों का निमार्ण कार्य शुरू हुआ, इनके आस पास का परिसर अब खंडरों में तब्दील हो चुके हैं। लेकिन स्तंभ की ऊंचाई और लोहे से बने होने के कारण ये अभी तक ज्यों के त्यों खड़े हैं। इन पर बने बैल, एक शेर, एक हाथी और एक घोड़े को अशोक स्तंभ के आधार पर दर्शाया गया है जो गौतम बुद्ध के जीवन के चार अलग-अलग चरणों का प्रतीक है। धम्मेक स्तूप को बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान बताया गया है क्योंकि इस स्थान ओर ही भगवान् बुद्ध ने पहली बार अपने पाठों का प्रचार किया था। उस समय उनके पास केवल पांच शिष्य ही थे।

बौद्ध साहित्य में सारनाथ को सबसे सर्वोत्तम स्थान प्राप्त है क्योंकि यहां पाँच सौ से भी अधिक संत ध्यान क्रिया करते हैं और यही बस गए हैं। परिसर में ‘ओम मणि पद्मे हम’ की सुंदर नक्काशी के साथ प्रार्थना के पहिए भी हैं। अशोक स्तंभ के ग्राफिक प्रतिनिधित्व और देवनागरी में नीचे लिखे ‘सत्यमेव जयते’ शब्दों को भारत के आधिकारिक प्रतीक के रूप में अपनाया गया है।

Ashok-Stambh-up


Ashok Stambh पर बना सिंह एक राजपरिवार और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है और स्वयं भगवान बुद्ध जिनसे “संसार” से मुक्ति का ज्ञान संभव है। इस पर बने चार अलग-अलग जानवर एक घोड़ा (पश्चिम), एक बैल (पूर्व), एक हाथी (दक्षिण), और एक शेर (उत्तर) सभी एक दूसरे का अनुसरण करने वाले के पहिये का संकेत देते हैं। कमल, जो कि आधार भी है, बौद्ध धर्म का एक उल्लेखनीय प्रतीक है।

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