Godzilla Movie Review: गॉडजिला फिल्म की समीक्षा

Godzilla Movie Review: हॉलीवुड अपने स्पेशल इफेक्ट्स के लिए जाना जाता हैं। जिस तरह वो स्क्रीन पर अपना 3 डी मैजिक चलाते हैं, भारी भरकम जनता पहुंच जाती है सिनेमाघरों में स्पेशल 3 डी इफ़ेक्ट वाली फिल्म देखने। सबसे बड़ी बात यह भी है कि फिल्म लोगों को बांधे रखती है, चाहे कहानी में दम हो या न हो।

अभी हाल ही में मार्वल की फिल्म अवेंजर्स: द एन्ड गेम ने अपने स्पेशल इफेक्ट्स से काफी कमाई की थी। इस महीने के आखिर में भी एक और स्पेशल इफेक्ट्स वाली फिल्म का नाम जुड़ गया है। फिल्म के निर्देशक गारेथ एडवर्ड्स ने ‘Godzilla: King of the Monsters’ को बेहद ही भवामय रूप में प्रस्तुत किया है। इस फिल्म को देखकर एक बात तो साबित हो जाती है कि फिल्म में पैसा तो पानी की तरह बहाया गया है।

इसमें बहुत सारे विध्वंस के दृश्य शामिल किए गए हैं, जिसने इस फिल्म को एक नई जान दी है। क्योंकि फिल्म की कहानी में कुछ ख़ास नहीं है। इसके बावजूद फिल्म दर्शकों को बांध कर रखने में कामयाब हो जाती है। जिसका कारण है, नियमित अंतराल में स्पेशल इफेक्ट्स से लैस दृश्य परदे पर दिखाना। 3 डी तकनीक का खास प्रभाव लोगों को आकर्षित कर सकता है।

फिल्म की कहानी

फिल्म की कहनी “जो ब्रॉडी” की है, जो एक जापान में स्थित जंजीरा पॉवर प्लांट में एक  न्यूक्लीयर वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत है। इसी प्लांट में उसकी पत्नी सैंड्रा की मौत हो जाती है, जिसे एक दुर्घटना माना जा रहा है। लेकिन असल में माजरा कुछ और ही है, ‘जो’ को यकीन है कि ये कोई हादसा नहीं था। जो कुछ भी हुआ उसके पीछे जरूर कुछ छुपा है। खैर वो अपनी रिसर्च जारी रखता है ताकि घटना के पीछे का कारण जान सके। जो का एक बेटा भी है जिसका नाम फोर्ड है।

फोर्ड बड़ा हो चुका है, घटना के चौदह साल बाद उसे पता चलता है कि उसके पिता को गिरफ्तार किया गया है। जो अब भी जापान में है और वह निषेध क्षेत्र में घुस जाता है। जिस कारण उसे गिरफ्तार किया गया है। वो अपने पिता को छुड़वाने जापान पहुंचता है, लेकिन खुद भी फंस जाता है। अब बारी आती है Godzilla: King of the Monsters की। दो भयानक राक्षस है, जिनकी खुराक रेडिएशन है। अब वो पूरी दुनिया में तबाही मचाने को तैयार हैं। अब फिल्म में आगे फोर्ड किस तरह से स्थिति से निपटता है ये देखने वाला है।

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Godzilla: King of the Monsters

फिल्म की कहानी बाकी पुरानी फिल्मों के जैसी ही है, एक राक्षस है जो पूरे शहर में तबाही मचाता है। अंत में गॉडजिला को एक नायक बना दिया है। जिसमें एक्शन से भरपूर मशीनीं और तकनीकों का उपयोग कर इस राक्षस से शहर को बचाना है। कहीं कहीं पर आपको लॉजिक देखने को नहीं मिलेगा। जो लोग गॉडजिला की बाकी फ़िल्में पहले देख चुके है, उन्हें थोड़ी सी निराशा हाथ लग सकती है। लेकिन जो पहली बार देख रहे हैं उन्हें बड़े पर्दे पर 3 डी में गॉडजिला गुर्राता हुआ काफी अचम्भित कर सकता है।

कुल मिलाकर फिल्म ठीक ठाक है। फिल्म 2 घंटे 3 मिनट की है। जो आपको अपने 3 डी इफेक्ट्स से थिएटर में बैठने को मजबूर कर देगी।

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