कभी किया था b grade movies में काम, आज है जाने माने स्टार

b grade movies:हम सभी फ़िल्में देखने का बहुत क्रेज रखते हैं।  अगर दोस्तों के साथ बाहर आउटिंग पर जाने की बात करें तो हम सभी बैठे बैठे आने वाली नई फिल्म को देखने चलने का मन बना ही लेते हैं। आज रात फ्राइडे है सभी फ्रेंड्स चलों मिलकर एक फिल्म देख कर आएं। 

हमने फटाफट से इंडिया की सबसे पॉपुलर वेबसाइट बुक माय शो का सहारा लिए। क्योंकि फिल्म के बारे में पहले ही बहुत चर्चे सुन चुके थे। अब ये फिल्म देखने का मन बना ही लिया था। सभी फिल्म देखने के लिए उत्साहित थे।  लेकिन हमारी ये ख़ुशी ज्यादा देर तक नहीं रह पाई। सभी शो फुल हो चुके थे, और हमने बहुत जगह ट्राई किया कि कैसे भी करके हमें एक टिकट मिल जाए। अचानक से मेरे दोस्त को एक सिनेमा हाल मिला। सिनेमा हाल नॉट मल्टीप्लेक्स। उसने कहा  – तुम सबको सच में फिल्म देखनी है क्या?

एक जगह है, जहाँ ये फिल्म देख सकते हैं। लेकिन! वो जगह हम जैसे कुछ लोगों के लिए नहीं है। वहां ज्यादतर b grade movies ही लगती है।

सभी के मुँह से निकला नो वे। आखिर कोई क्यों जाना चाहेगा – जहाँ इस तरह की फ़िल्में लगती हैं। मुझे लगता है हम में से शायद कोई नहीं। लेकिन भारत में बहुत से लोग इन फिल्मों का मजा लेते हैं। कुछ लोगों को बी ग्रेड मूवीज का पूरा कांसेप्ट ही समझ नहीं आता। 

मैं जानती हूँ, आपको भी इसके बारे में जानकारी नहीं है। चलिए क्यों न इस बारे में कुछ जानकारी आपसे साझा करती हूँ।

b grade movies कुछ नहीं, बस बजट और सामग्री का खेल है। वैसे तो सभी फ़िल्में बजट और सामग्री के लिए ही बनाई जाती हैं। लेकिन कुछ फिल्मों को केवल एक एंटरटेनमेंट क लिए नहीं बनाया जाता बल्कि कुछ को व्यवसाय के रूप में भी बनाया जाता है। जो फिल्में कलात्मक विचारों को प्रस्तुत की जाती है, जिसमें बजट पर बहुत ही कम ध्यान जाता है, वो ए ग्रेड फिल्में कहलाती हैं। 
लेकिन जिन फिल्मों को केवल बजट बनाने के लिए बनाया जाता है, वो कहलाती हैं बी ग्रेड फ़िल्में।नहीं समझे, चलिए विस्तार से समझते हैं।

सभी b grade movies परिपक्व सामग्री से भरपूर होती हैं, हमारी भाषा में कहें तो पूरी तरह से एडल्ट कंटेंट के साथ। ऐसी फिल्मों के टाइटल को पढ़कर ही आप समझ जाते हैं कि ये फ़िल्में कोई साधारण फ़िल्में नहीं हैं। नाम के साथ साथ इन फिल्मों का बजट भी बहुत चीप होता है। ये फ़िल्में बहुत ही कम रिलीज होती हैं। मल्टीप्लेक्स में  इन फिल्मों को कभी जगह नहीं मिलती। इसलिए पुराने समय में बने सिनेमाघरों में आजकल ये फ़िल्में लगती हैं। जहाँ आपको ना कोई टैक्स देना है न महंगी टिकट खरीदने की जरुरत है। कम बजट के अभिनेताओं और खराब डायरेक्शन की बनी ये फ़िल्में खूब व्यपार करती हैं। क्योंकि भारत की बहुत सी जनता ऐसी फ़िल्में देखने जाते हैं। प्रतिबंधित सामग्री जैसे अडल्ट्री, अपराधों की विस्तार योजना, परिपक्व सामग्री की स्पष्ट चर्चाओं पर बन ने वाली फिल्मों को बी ग्रेड वाले लेबल में जगह मिली हैं।

अगर आप भी गैंग्स ऑफ़ वासेपुर और शूटआउट ऐट वडाला जैसी फिल्मों के बड़े फैन रहे हैं तो आपको बता दें ये बी ग्रेड का टैग पा चुकी हैं। जानती हूँ मेरे लिए भी शॉकिंग था। 

शूटआउट ऐट वडाला फिल्म को भले ही बॉलीवुड में ए ग्रेड फिल्म का टैग मिला हो, लेकिन जब उन्हें दूसरी भाषाओं में डब करके रिलीज़ किया गया, तो उन्हें बी या सी ग्रेड मिला।

जब मैंने रिसर्च किया तो इस बात को क़ाफी हद तक सही पाया। लेकिन इस पर लेख लिखने का मन बनाया तो पाया कि बॉलीवुड के बहुत से जाने माने कलाकारों ने सच में बहुत सी चीप फिल्मों में काम किया है। उनमें से कुछ तो यकीनन आपके पसंदीदा होंगें। हमने उन्हें अक्सर सिल्वर स्क्रीन पर प्रभावित करते हुए देखा था, इसलिए यह समझना मुश्किल हो गया। बॉलीवुड का रोमांच सच में झटके से भरा हुआ है।

अमिताभ बच्चन

बॉलीवुड के शहंशाह, बिग बी यानी कि – अमिताभ बच्चन ने एक बार इंटरव्यू में अफ़सोस के साथ एक बात साझा कि थी कि वो बी-ग्रेड फिल्म ‘बूम’ में काम कर चुके हैं। उन्होंने उस पर कहा भी कि वो उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी। लेकिन कोई बात नहीं, वो आज भी अच्छे कलाकार और सब के चहिते ही रहे हैं।

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अक्षय कुमार

बॉलीवुड के कॉमेडी किंग अक्षय कुमार भी बी ग्रेड फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने मि. बॉन्ड जैसी फिल्मों में काम किया है। लेकिन ये हाल फ़िलहाल की बात नहीं है।  उस समय अक्षय फिल्म जगत में संघर्ष कर रहे थे और उन्होंने ये सोचकर फिल्म की थी कि यह फिल्म जेम्स बॉन्ड की फ्रेंचाइजी कॉपी होगी। लेकिन असल में ये उससे बहुत अलग थी और यह बूरी तरह से फ्लॉप हुई।

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राजेश खन्ना

राजेश खन्ना जो अपने जमाने में बहुत ही मशहूर अभिनेता ही नहीं एक अच्छी एक्टिंग करने के लिए जाने जाते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं, उन्होंने भी एक बार  ‘वफ़ा’ – ए डेडली लव स्टोरी फिल्म में काम किया था। यह एक बी ग्रेड वाली फिल्म थी। काफी लंबे अरसे के बाद उन्होंने बॉलीवुड में इस फिल्म से वापसी की थी।

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मिथुन चक्रवर्ती

बॉलीवुड के दादा यानी कि मिथुन चक्रवर्ती ने भी फिर से वापसी के लिए बी ग्रेड फिल्म का सहारा लिया। ‘क्लासिक डांस ऑफ़ लव’ नाम के टाइटल वाली फिल्म में उन्होंने टीचर का रोल किया है, जिसे अपनी छात्रा से प्यार हो जाता है। इस फिल्म में सच में बहुत से एडल्ट सीन है।

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मनीषा कोइराला

मनीषा कोइराला भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने भी वर्ष 2002 में एक छोटी सी लव स्टोरी नाम की बी ग्रेड फिल्म में काम किया था। इसमें वो बड़ी उम्र की लड़की हैं जिसे अपने से बहुत छोटे लड़के के प्रति आकर्षण हो जाता है। फिल्म में काफी बोल्ड सीन भी उन्होंने किए थे।

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कटरीना कैफ

अगर आपको लगता है कि कटरीना कैफ ने बॉलीवुड में कदम सलमान खान के साथ रखा था तो आप गलत हैं। वो सलमान खान की फिल्म से पहले “बूम” जैसी फिल्म में काम कर चुकी है, जो एक बी ग्रेड वाली फिल्म है।

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मान्यता दत्त

जी हां संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त भी बी ग्रेड फिल्मों का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने बहुत सी फिल्मों में काफी एडल्ट और बोल्ड सीन दिए हैं।

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इसके अलावा ईशा कोपिकर, ममता कुलकर्णी, शक्ति कपूर और नेहा धूपिया भी बहुत सी b grade movies में काम कर चुके हैं। लेकिन ये फ़िल्में उन्होंने तब की हैं जब वो बॉलीवुड में पैर जमाने की कोशिश में लगे थे या फिर लंबे समय के बाद बॉलीवुड में वापसी करना चाहते थे। फिलहाल कोई भी काफी लंबे समय से ऐसी फिल्मों में नजर नहीं आया है।

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