10 चीजें जो एक Joint family में रहने वाला ही समझ सकता है

मैं एक संयुक्त परिवार में रहती हूँ। आप यकीन नहीं करेंगें हम यहाँ बिलकुल हम साथ साथ है वाली फैमिली की तरह रहते हैं। अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो नहीं हर फैमिली इतनी भी परफेक्ट नहीं होती कि आप हमेशा घर में प्यार ही प्यार पाएं। लेकिन हां एक joint family के बहुत सारे फायदे और नुक्सान होते हैं। वैसे ज़्यदातर फायदे ही होते हैं, लेकिन आजकल हर कोई चाहता है कि उसका परसनल स्पेस उसे मिले, जो शायद वो joint family में न मिल पाए। 

लेकिन एक बात तो है आप हमेशा एक संयुक्त परिवार में अपने आस पास का माहौल काफी अच्छा पाएंगें। लेकिन यदि आपके परिवार का मैनजमेंट अच्छा हो तभी। भारत में आज भी बहुत से परिवार ऐसे हैं तो संयुक्त परिवार में रहते हैं और समय के बदलाव से बचे हुए हैं। बेशक कुछ लोग केवल नाम के ही संयुक्त परिवार है असल में एक ही छत के नीचे दो अलग अलग मकान भी बन चुके हैं।

बहुत से लोग तो अभी भी संयुक्त परिवार का मतलब तक नहीं जानते। यह एक ऐसा परिवार है जहाँ एक ही बड़े मकान में दादा-दादी, माता-पिता, चाचा, चाची और उनके बच्चे एक साथ मिलकर रहते हैं।

क्या आपने सभी महिलाएँ को अब एक साथ आँगन में बैठे देखा है, जो एक साथ सारे काम करती हैं और घर के सभी लोगों के बारे में बात करती करती खिलखिलाती हैं?

आप में से बहुत ने शायद यह नहीं देखा होगा या बहुत से लोग जो मेरी तरह joint family में रहते में रहते हैं, उन्होंने ये अद्धभुत नज़ारे का मजा लिया है। यदि आप एक में रहते हैं, तो आप हमारे द्वारा बताई गई कुछ बातों को खुद से जरूर रिलेट कर पाएंगें।

ब्लेम-गेम:

क्या कोई मेरी तरह हैं, जो शरारत करने के बाद इसका इल्जाम अपने चचरे भाई, बहन पर ड़ाल देता है। joint family इतनी बड़ी होती है कि आप एक ब्लेम-गेम में कामयाब हो जाते हैं। कोई पता नहीं लगा पाता कि आखिर ये शरारत है किसकी?

तुलना:

इस घर में तो आपकी अपने भाई बहनों से तुलना जरूर की जाएगी। मार्क्स हों या अच्छी आदतें आपको सुनना पड़ेगा कि वो आपसे बेहतर क्यों हैं?

चचेरे भाई आपके सबसे अच्छे दोस्त होते हैं:

आपके चचेरे भाई-बहन आपके सबसे अच्छे दोस्त होते हैं। वो आपके सारे रहस्य जानते हैं और आप उन्हें सब कुछ शेयर भी कर सकते हैं। आप सभी काम साथ मिलकर करते हैं शॉपिंग से लेकर घर के सारे काम।

Cousin

रिपोर्ट कार्ड की प्रदर्शनी:

आपका रिपोर्ट कार्ड केवल आपके माता-पिता तक सीमित नहीं रहता। ये सबसे खतरनाक स्तिथि होती है। इस दिन तो आपको केवल भगवान ही  बचा सकता है। आपको अपने माता-पिता के डर से ज्यादा चाचा क्या कहेंगें इस बात की ज्यादा चिंता होने लगती है। आपका रिपोर्ट कार्ड एक-एक कर के सब देखते हैं और सभी डांट भी केवल आप और आप ही सुनते हैं।

दादा-दादी आपको बचाएंगे:

अगर माता-पिता की डांट से बचना है, तो आप भागकर दादा-दादी के पास जा सकते हैं। वो आपको उस खतरनाक स्तिथि में कैसे भी करके बचा ही लेंगें।

आए दिन कोई न कोई अवसर:

आप ऐसे घर में रहते हैं जहाँ हर दूसरे हफ्ते किसी न किसी का जन्मदिन आ ही जाएगा या फिर किसी की सालगिराह या त्यौहार। मतलब खाने पीने और मस्ती के दिन कभी खत्म नहीं होंगें।

festival

पर्सनल स्पेस तो भूल ही जाएं: 

अगर आपको लगता है कि एक joint family में रहकर आप अपने अकेले के लिए समय निकाल लेंगें तो ऐसा नहीं हो सकता। आपके कमरे में रौनक मेला लगा रहेगा, क्योंकि सभी कजिन साथ मिलकर ही रहेंगें, खाने की टेबल से लेकर रात के बिस्तर तक।

रसोई की राजनीति: 

आपकी मम्मी आपको हमेशा रसोई में मिलेगी। कुछ न कुछ पकाने में व्यस्त, साथ ही यहां एक अलग खिचड़ी भी पकती है। घर में क्या कुछ चल रहा है, कौन से मुद्दे पर क्या किया जा सकता है, यहां उस बारे में पूरा अजेंडा सेट किया जाता है। 

Kitchen-politics

बच्चों को चिंता नहीं: 

अगर आप किसी काम से बाहर जा रहे हैं, तो आपके माता-पिता को आपके बारे में चिंता करने की जरुरत नहीं है। वो बिना किसी चिंता के आपको चाचा- चाची के साथ छोड़ जाएंगें, क्योंकि वो आपकी देखभाल अच्छे से करना पहले से ही जानते हैं।

रूल्स सबके लिए बराबर होंगें:

घर में कोई भी कुछ अलग से नहीं कर सकता। अगर आप कुछ करते हैं तो आपको भी सजा वैसे ही मिलेगी, जैसे आपके कजिन को।

आज बहुत से लोग शायद एक संयुक्त परिवार का महत्व भूल चुके हैं या बिलकुल भी जानते नहीं है। हमारे माता पिता ने जो किया शायद हम भी आगे चलकर वैसा ही करें क्योंकि हमारी परवरिश ही इस तरह से कर दी गई है। लेकिन शायद इसके महत्व को समझने की जरुरत है। 

लेकिन आज के युवा की जीवनशैली काफी हद तक बदल चुकी है और उन्होंने पश्चिमी सभ्यता को अपनाया है, जहाँ बच्चे कम उम्र में ही माता पिता से अलग रहने लगते हैं और अपने जीवन को अपने सलीके से जीना पसंद करते हैं। भारत में परिवार का महत्व समझना शायद कुछ सालों में लोग भूल ही जाएं। लेकिन शायद आप नहीं जानते यह एक तरह की समस्या बन सकती है। क्योंकि हमएक साथ मजा करने वाली चीजों, बड़ों की देखभाल, मार्गदर्शन नहीं पा पातें। भविष्य में होने वाली सभी समस्याओं का मुकाबला खुद करते हैं और अपनी बात किसी से न कहने के कारण चिंता, अकेलापन, निराशा का शिकार बन जाते हैं।

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